निर्माण कार्य की तलाश में रहतें हैं सरपंच  

प्रस्तुतकर्ता News Era

पचायती राज में आम जनता के बनाए सरपंचों के हाथों लग गयी चाबी जिससे वे गाहे बगाहे खोजने निकलते हैं हमारे सरपंच और उनके सचिव भाई । सरकारी निर्माण कार्यों जैसे स्कूल भवन,पुल,सी सी रोड , सामुदायिक भवन , सार्वजनिक शौचालय , आँगनवाडी,को अपनी पंचायत में कराने गला काट प्रतियोगिता जारी है। समूचे प्रदेश में यह क्रम एक सा जारी है। इन भवनों अथवा निर्माणों की गुणवत्ता का तो भगवान ही मालिक है। सब कुछ कागजों में सम्भव दिखाई देता है। कोई देखने वाला नहीं है..... और जो देखते हैं उनको मेनेज करना बाएँ हाथ का खेल है। पत्रकारों को भी मेनेज करने का दंभ भरने वालों में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि ने कहा :-"सबसे आसान है इनको मेनेज करना " जनप्रतिनिधि महोदय को "सावन का अंधा ही कहा जाना ठीक होगा "
प्रदेश सरकार के मुखिया जी अब आप को इस मुद्दे पर भी गौर करना होगा तभी तो भ्रष्टाचार विहीन प्रदेश की कल्पना की जा सकती है।

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2 टिप्पणियाँ

नमस्कार
वाकई सही लिखा है आपने.
९०% से ऊपर निर्वाचित जनप्रतिनिधि यदि चुनाव जीत जाते हैं तो उन्हें कमाई का जरिया और अपना घर भरने का खजाना जैसे मिल गया होता है.
५ साल में इन रंक से बने राजाओं की आज तक किसी प्रशासनिक संस्थाओं ने तहकीकात क्यों नही की , ये भी चिंतन का विषय है, या हम ये समझें कि ऊपर से नीचे तक एक ही ढर्रा होने के कारण कुछ हो ही नही सकता या यूँ कहें कि ये सब एक ही थैली के चाटते -बट्टे हैं
आपका
-विजय

SIR
SHUKRIYA TIPPANI KE LIYE
MERE PAAS BHEDAGHAT,TEWAR,
PANAGAR JAISEE JAGAHON KE
SARPANCHON KE KAARYON KAA LEKHAA-JOKHAA
HAI BLOG PAR PUSHTI KE BAT DE DOONGA..?