पचायती राज में आम जनता के बनाए सरपंचों के हाथों लग गयी चाबी जिससे वे गाहे बगाहे खोजने निकलते हैं हमारे सरपंच और उनके सचिव भाई । सरकारी निर्माण कार्यों जैसे स्कूल भवन,पुल,सी सी रोड , सामुदायिक भवन , सार्वजनिक शौचालय , आँगनवाडी,को अपनी पंचायत में कराने गला काट प्रतियोगिता जारी है। समूचे प्रदेश में यह क्रम एक सा जारी है। इन भवनों अथवा निर्माणों की गुणवत्ता का तो भगवान ही मालिक है। सब कुछ कागजों में सम्भव दिखाई देता है। कोई देखने वाला नहीं है..... और जो देखते हैं उनको मेनेज करना बाएँ हाथ का खेल है। पत्रकारों को भी मेनेज करने का दंभ भरने वालों में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि ने कहा :-"सबसे आसान है इनको मेनेज करना "इन जनप्रतिनिधि महोदय को "सावन का अंधा ही कहा जाना ठीक होगा "
प्रदेश सरकार के मुखिया जी अब आप को इस मुद्दे पर भी गौर करना होगा तभी तो भ्रष्टाचार विहीन प्रदेश की कल्पना की जा सकती है।
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