शहर को मत लपेटो भाई : ये उनकी है निजी लड़ाई
खुजा खता मत कीजिए मत दौडो जी तेज़
ब्लागिंग का समझो मरम, करलो यूज़ विवेक !
शहर नहीं बदनाम चार लोगन के कारन
बंद करलो अय मित्र अपना गाल बजावन
करलो यूज़ विवेक, बनो मत नाटक भैया
परसाई के शहर बहत है नरबदा मैया .
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on 7:07 am
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